Crown का एंटीडोट! क्या होगा अगर शरीर में यूरिन का इंजेक्शन लगाया जाए?

 कुछ समय पहले, कोरोना वैक्सीन (Crown Vaccine) का विरोध करने वालों ने वैक्सीन के बदले यूरिन (Urine) का इंजेक्शन लेने की सलाह दी थी. लेकिन डॉक्टरों ने इससे पड़ने वाले प्रभावों के बारे में बताया है, जिसे हर किसी को जान लेना चाहिए.

कोरोना वायरस (Covid) से बचने के लिए वैक्सीन पूरी दुनिया ने लगाई. लेकिन बहुत से लोग ऐसे थे जो वैक्सीन के खिलाफ थे. ऐसे ही एक शख्स ने कुछ महीने पहले, अपने फॉलोअर्स को कोरोना से बचने का अनोखा तरीका सुझाया था. इंगलैंड के क्रिस्टोफर की (Christopher Key) ने कहा था कि अगर कोरोना से बचना है तो अपना मूत्र (Urine) पियो.


उन्होंने मूत्र को एंटीडोट बताया और कहा कि ऐसे बहुत सारे शोध हैं, जो बताते हैं कि यह मूत्र चिकित्सा (Pee Therapy) है. उन्होंने मूत्र पीने और इसके इंजेक्शन लगाने का समर्थन किया था. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने खुद यूरिन का इंजेक्शन अपने शरीर में लगाया था.


डॉक्टर्स मूत्र चिकित्सा को नहीं मानते


भारतीय तो स्वमूत्र चिकित्सा के बारे में पहले से ही जानते हैं, क्योंकि प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में मूत्र द्वारा कई रोगों का इलाज किए जाने के बारे में बताया गया है. हालांकि, वैंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर ( Vanderbilt University Medical Center) के प्रिवेंटिव मेडिसिन और संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ विलियम शेफ़नर इससे सहमत नहीं हैं. उनका मानन है कि अगर आप मेडिकल की पाठ्य पुस्तकें देखें, तो मूत्र से चिकित्सा का कोई संदर्भ नहीं मिलता है. ऐसे कोई स्टडी सामने नहीं आई है जिससे यह पता चलता हो कि अपना या किसी और का मूत्र पीने से कोई चिकित्सा लाभ होता है.


यूरिन का इंजेक्शन खतरनाक हो सकता है (फोटो: गेटी)

अगर शरीर में यूरिन का इंजेक्शन लगाया जाए...


लेकिन बात अगर यूरिन का इंजेक्शन लगाने की हो, तो ये बहुत अच्छा आइडिया नहीं है. विशेषज्ञों का मानना है कि खुद को यूरिन का इंजेक्शन लगाना वास्तव में आपके स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक हो सकता है. एक व्यक्ति ने जब ऐसा किया, तो उसके लिए यह घातक साबित हुआ.


केस स्टडी से मिले नतीजे


38 साल का एक व्यक्ति को इमरजेंसी में एडमिट किया गया जो पूरी तरह बेहोश था. उसे दो दौरे पड़े थे. इस केस के बारे में, डॉक्टरों ने द जर्नल ऑफ ग्लोबल इंफेक्शियस डिजीज ( The Journal of Global Infectious Diseases) में लिखा है. डॉक्टरों का कहना है कि इस व्यक्ति का ऐसा कोई पुराना मेडिकल रिकॉर्ड नहीं था और न ही इससे पहले कभी उसे दौरे पड़े थे. व्यक्ति कोमा में था, जिसे बाद में ICU में भेज दिया गया. यहां मरीज की हालत की वजह जानने के लिए उनके टेस्ट किए गए और सेप्सिस (Sepsis) का इलाज किया गया.

यूरिन इंजेक्ट करने से सेप्सिस का खतरा (फोटो: पिक्सबे)

मूत्र पीने से उल्टी आई तो लगाया इंजेक्शन



11वें दिन मरीज ने कहा कि वह अपनी जीवन शक्ति और पौरुष बढ़ाना चाहता था, जिसके लिए उसने मूत्र पीना शुरू किया था. लेकिन ऐसा करने से उसे मितली आती थी और दो बार उल्टी भी हुई थी, इसलिए उसने अपना यूरिन एक कंटेनर में इकट्ठा किया और करीब 10 मिलीलीटर यूरिन को शरीर में इंजेक्ट किया था.


डॉक्टरों का कहना है कि इसी वजह से पॉलीमाइक्रोबियल सेप्सिस (Polymicrobial Sepsis), टॉक्सिक एन्सेफैलोपैथी [ब्रेन डिसफंक्शन] (poisonous encephalopathy) और मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन के साथ सेप्टिक शॉक लगा. जबकि, साइकोलॉजिकल असेसमेंट में कोई असामान्यता नहीं पाई गई.


इस बीच, आपको बता दें कि Coronavirus वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी साबित हुई हैं. इसलिए कोविड से बचने के लिए वक्सीन ही बेहतर हैं.Live TV

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